स्वतंत्रा दिवस पर प्रदेशवासियो को सीएम साय की बधाई, नेतृत्व में विकास को मिल रहीं नई रफ्तार

छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिज और जंगलों की पहचान तक सीमित नहीं रहना चाहता। सरकार ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर विकास का ऐसा खाका सामने रखा है, जिसमें बस्तर से लेकर नवा रायपुर और गांव से लेकर उद्योग तक बदलाव की तस्वीर दिखाई गई है। दावा है कि सुरक्षा, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, खेती और डिजिटल कनेक्टिविटीकृहर मोर्चे पर काम तेजी से आगे बढ़ा है।

बस्तर में बंदूक की जगह विकास

नक्सल हिंसा से प्रभावित बस्तर में अब विकास को सबसे बड़ा हथियार बनाने की कोशिश है। ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने अभियान’ के जरिए 31 योजनाओं और 14 सामुदायिक सुविधाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने का दावा किया गया है। इससे संभाग के 39 लाख से अधिक लोगों को फायदा मिलने की बात कही गई है।

बंद पड़े स्कूल फिर खुले हैं। 36 नए स्कूल स्वीकृत किए गए हैं। ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी की योजना है। 34 लाख से ज्यादा लोगों की स्वास्थ्य जांच कर हेल्थ प्रोफाइल तैयार की गई है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपए की आजीविका उन्नयन योजना तैयार की गई है।

सड़क, बिजली और बस से जुड़ते गांव

बस्तर के अंदरूनी इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर है। 461 सौर ऊर्जीकृत गांवों को ग्रिड से जोड़ने और 234 अंदरूनी बसाहटों तक सड़क पहुंचाने का काम बताया गया है। मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से बस्तर और सरगुजा के 814 गांवों को सार्वजनिक परिवहन से जोड़ने का दावा है।

किसान को कीमत, खेत को पानी

धान के लिए 3,100 रुपए प्रति क्विंटल और 21 क्विंटल प्रति एकड़ की दर का दावा किया गया है। फसल विविधता बढ़ाने के लिए धान के बदले दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी और रागी जैसी फसलों पर 15 हजार रुपए की आदान सहायता का प्रावधान बताया गया है।

सिंचाई के मोर्चे पर 11 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा की मंजूरी और सिकासार-कोडार नहर लिंकिंग के लिए 3,047 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इंद्रावती नदी पर मटनार और देउरगांव बैराज से 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मिलने की योजना है।

घर, राशन और महिलाओं को सीधा लाभ

आवास के मोर्चे पर 24 लाख 50 हजार घर स्वीकृत होने और रोज औसतन 1,600 घर बनने का दावा है। 73 लाख परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न मिल रहा है। महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं के खातों में 19,444 करोड़ रुपए भेजे जाने की जानकारी दी गई है। राज्य में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बनने का दावा भी किया गया है।

आदिवासी इलाकों में अधिकार और सड़क

पीएम जनमन योजना से 56 हजार से अधिक च्टज्ळ परिवारों तक सुविधाएं पहुंचाने और 6,691 जनजातीय बहुल गांवों में धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान का लाभ देने की बात कही गई है। पीएम जनमन के तहत 1,788 किलोमीटर सड़क निर्माण पूरा होने का दावा है। वनाधिकार पत्रों में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बताया गया है।

युवाओं के लिए नौकरी से ।प् तक

रोजगार के मोर्चे पर पुलिस में 7 हजार युवाओं की भर्ती और शिक्षक-सहायक शिक्षक के 3,946 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की जानकारी दी गई है। बिजली कंपनियों में 1,235 पदों पर भर्ती हो रही है। अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय बताया गया है।

30 प्ज्प् के उन्नयन, 100 करोड़ रुपए के स्टार्टअप फंड और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नई सहायता योजना को युवाओं के लिए बड़ा बदलाव बताया गया है। पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने और छह इंजीनियरिंग-पॉलीटेक्निक संस्थानों को ब्ळप्ज् के रूप में विकसित करने की योजना है।

।प् में छत्तीसगढ़ की नई छलांग

500 करोड़ रुपए के छत्तीसगढ़ राज्य ।प् मिशन को मंजूरी दी गई है। 100 ।प् डेटा लैब, पांच सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 50 से अधिक ।प् आधारित सेवाएं विकसित करने की योजना है। छह लाख विद्यार्थियों और डेढ़ लाख सरकारी कर्मचारियों को ।प् प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है।

निवेश आया, रोजगार की उम्मीद बढ़ी

नई औद्योगिक नीति के तहत 8 लाख 23 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिलने और इससे 1 लाख 74 हजार रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद जताई गई है। नवा रायपुर में पहली गारमेंट इकाई, मुंगेली में भारत अर्थ मूवर्स का प्लांट और 23 नए औद्योगिक क्षेत्र प्रस्तावित हैं।

राजनांदगांव में इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, नवा रायपुर में फर्नीचर क्लस्टर और जांजगीर-चांपा व राजनांदगांव में स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क की योजना है। देश का पहला ।प् ैमर्् और ।प् डेटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी काम चल रहा है।

बिजली और कनेक्टिविटी पर बड़ा दांव

ऊर्जा क्षेत्र में 3.50 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिलने की बात कही गई है। 90 हजार से अधिक उपभोक्ता प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ ले रहे हैं। सड़क और रेल कनेक्टिविटी में रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे, रायपुर-धनबाद इकोनॉमिक कॉरिडोर और रावघाट-जगदलपुर रेल नेटवर्क को विकास की नई धुरी बताया गया है।

ढाई साल में 829 मोबाइल टावर लगाए गए हैं और भारतनेट 3.0 के जरिए 5,659 ग्राम पंचायतों को हाईस्पीड इंटरनेट से जोड़ने का लक्ष्य है।

स्वास्थ्य, सुशासन और पर्यटन

आयुष्मान योजना से राज्य के 91 प्रतिशत लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने का दावा है। नवा रायपुर में मेडिसिटी विकसित की जा रही है। 326 संजीवनी एक्सप्रेस और 380 महतारी एक्सप्रेस एंबुलेंस संचालित हैं।

ई-ऑफिस, ब्ड हेल्पलाइन 1076 और सेवा सेतु पोर्टल के जरिए शासन को ऑनलाइन करने पर जोर है। 700 से अधिक सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराने की जानकारी दी गई है।
पर्यटन में चित्रकोट को ग्लोबल टूरिस्ट डेस्टिनेशन और सिरपुर को विश्व धरोहर स्थल के मानकों के अनुरूप विकसित करने की योजना है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण जैसे फैसले संस्कृति को भी विकास के एजेंडे से जोड़ते हैं।

अब असली परीक्षा अमल की

सरकार ने विकास का बड़ा विजन सामने रखा है। आंकड़े भी बड़े हैं और योजनाओं की फेहरिस्त भी लंबी। अब चुनौती इन घोषणाओं को जमीन पर उतारने की है। बस्तर के दूरस्थ गांव से लेकर नवा रायपुर के ।प् सेंटर तक, छत्तीसगढ़ की नई पहचान तभी बनेगी जब विकास का फायदा आखिरी व्यक्ति तक पहुंचे। यही विकसित छत्तीसगढ़ की असली कसौटी होगी।

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