रायपुर में ISIS मॉड्यूल का भंडाफोड़ करने वाली IPS राजश्री मिश्रा को मिला बड़ा सम्मान, बेहतरीन काम के लिए दूसरी बार मिला केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ऑनलाइन जाल को समय रहते तोड़ने वाली तेजतर्रार आईपीएस अफसर राजश्री मिश्रा के नाम एक और बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) की पुलिस अधीक्षक राजश्री मिश्रा को खुफिया जांच में शानदार काम के लिए केंद्र सरकार ने ‘केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक (केजीडीपी)-2026’ से सम्मानित करने का फैसला किया है। यह उनका दूसरा गृहमंत्री पदक है।

छह महीने तक चला सीक्रेट ऑपरेशन राजश्री मिश्रा की अगुवाई में छत्तीसगढ़ एटीएस ने करीब छह महीने तक बेहद गोपनीय तरीके से पड़ताल चलाई। टीम ने इंटरनेट पर चल रही संदिग्ध हरकतों, सोशल मीडिया ग्रुप्स और डिजिटल बातचीत की कड़ियों को एक-एक करके जोड़ा। इस तकनीकी निगरानी और जमीनी खुफिया तंत्र की मदद से रायपुर के दो नाबालिग लड़कों की पहचान हुई, जो इंटरनेट पर आईएसआईएस की कट्टरपंथी विचारधारा और उसके प्रोपेगैंडा से प्रभावित होकर संदिग्ध सामग्री बांट रहे थे।

किशोर न्याय नियमों का रखा पूरा ध्यान मामला काफी संवेदनशील था, क्योंकि इसमें नाबालिग शामिल थे। इसलिए टीम ने बेहद सावधानी बरतते हुए सारे डिजिटल सबूत जुटाए। कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की गई। वहीं, नाबालिगों के मामले में तय किशोर न्याय व्यवस्था (जुवेनाइल जस्टिस एक्ट) के नियमों का सख्ती से पालन किया गया। माना स्थित किशोर न्याय बोर्ड के सामने तय समय के भीतर चालान भी पेश कर दिया गया।

समय रहते टला बड़ा खतरा जांच में यह साफ हुआ कि दोनों नाबालिग सिर्फ ऑनलाइन सामग्री और कट्टरपंथी सोच के प्रभाव में थे; उन्होंने किसी तरह के हमले की साजिश या वारदात को अंजाम नहीं दिया था। सही समय पर हुई इस कार्रवाई ने डिजिटल दुनिया के जरिए युवाओं को भटकाने की आतंकी कोशिशों पर पानी फेर दिया। अफसरों का मानना है कि यह कामयाबी दिखाती है कि कैसे सतर्क खुफिया निगरानी से बच्चों को अपराध के अंधेरे रास्ते पर जाने से बचाया जा सकता है।

उपलब्धियों से भरा रहा है सफर 2018 बैच की आईपीएस अधिकारी राजश्री मिश्रा का करियर हमेशा से सराहनीय रहा है। इससे पहले उन्हें पुलिस प्रशिक्षण में बेहतरीन प्रदर्शन के लिए पहला गृहमंत्री पदक मिला था। इतना ही नहीं, जनवरी 2026 में उन्हें सराहनीय सेवाओं के लिए देश के प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस पदक’ से भी नवाजा जा चुका है। अब खुफिया जांच के क्षेत्र में मिला यह नया राष्ट्रीय सम्मान न केवल उनके सटीक नेतृत्व पर मुहर लगाता है, बल्कि छत्तीसगढ़ पुलिस और एटीएस टीम के भरोसे को भी मजबूती देता है।

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