बस्तर के जंगलों में नक्सलियों के खिलाफ चलाए गए अभियान में छत्तीसगढ़ पुलिस के 15 अफसरों और जवानों ने ऐसा काम किया कि अब उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलने जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक 2026 के लिए इनका चयन किया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की स्वीकृति के बाद गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया। सम्मान पाने वालों में एसपी से लेकर बस्तर फाइटर्स के जवान शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में एक महिला जवान का नाम भी है। 22 सितंबर 2025 को बस्तर क्षेत्र में चलाए गए विशेष अभियान में उत्कृष्ट काम के लिए इन्हें यह पदक दिया जाएगा।
गृह मंत्रालय के पुलिस-I डिवीजन और पीएमए सेल ने आदेश जारी किया है। इसमें वर्ष 2026 के केंद्रीय गृह मंत्री दक्षता पदक पाने वालों की सूची घोषित की गई है। छत्तीसगढ़ के 15 पुलिसकर्मियों को विशेष अभियान की श्रेणी में जगह मिली है। यह सम्मान अभियान के दौरान बेहतर कार्य और जिम्मेदारी निभाने के लिए दिया जा रहा है।
पदक पाने वालों में एसपी रॉबिन्सन गुड़िया शामिल हैं। उनके साथ एडिशनल एसपी अक्षय प्रमोद सबद्रा, अजय कुमार और सुशील कुमार नायक को भी सम्मान मिलेगा। डीएसपी आशीष कुमार नेताम और सब इंस्पेक्टर महेंद्र पोताई भी इस सूची में हैं। यानी अभियान की कमान संभालने वाले वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर मैदानी स्तर पर काम करने वाले अफसरों तक को पहचान मिली है।
इस सम्मान की सूची में हेड कांस्टेबल पुरुषोत्तम कुपाल और रामकुमार डार्रो शामिल हैं। कांस्टेबल भुनेश्वर मरकाम, जैनु राम दुग्गा, लक्ष्मण राम कोर्राम और सोमारू राम वड्डे को भी पदक मिलेगा। बस्तर फाइटर्स के राजेश सलाम और चमन लाल का नाम भी सूची में है। महिला कांस्टेबल लिकेश्वरी नाग को भी इस सम्मान के लिए चुना गया है। इससे साफ है कि अभियान में सिर्फ अधिकारियों ही नहीं, बल्कि जमीन पर मोर्चा संभालने वाले जवानों के योगदान को भी महत्व दिया गया है।
बस्तर फाइटर्स के तीन जवानों को इस सम्मान के लिए चुना गया है। इनमें राजेश सलाम, चमन लाल और महिला कांस्टेबल लिकेश्वरी नाग शामिल हैं। बस्तर में नक्सल विरोधी अभियान आसान नहीं होता। जंगल, दुर्गम रास्ते और लगातार खतरे के बीच जवानों को काम करना पड़ता है। ऐसे में अभियान में योगदान देने वाले जवानों को मिला यह सम्मान पूरे पुलिस बल के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है।
इस सूची में कुल 15 पुलिसकर्मियों के नाम हैं। इसमें चार एडिशनल एसपी सहित अलग-अलग रैंक के अधिकारी और जवान शामिल हैं। यह सम्मान उन सभी के सामूहिक प्रयासों की पहचान है, जिन्होंने 22 सितंबर 2025 के विशेष अभियान में अपनी भूमिका निभाई। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई में पुलिस बल के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह पहचान छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।









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