CM विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट का बड़ा फैसला, UCC ड्राफ्ट के लिए समिति गठित
राजनैतिक गलियारों में गर्माहट शुरू, चलेगा आरोप-प्रत्यारोप का दौर
रायपुर | छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में Uniform Civil Code (UCC) लागू करने की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में पर्सनल लॉ की व्यवस्था को समाप्त कर एक समान कानून लागू करने की कवायद शुरू करने का निर्णय लिया गया है।
रिटायर्ड जज रंजना देसाई की अध्यक्षता में बनेगी समिति
मंत्रिपरिषद ने UCC का प्रारूप तैयार करने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति के गठन को मंजूरी दी है। समिति के अन्य सदस्यों के मनोनयन के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
यह समिति राज्य के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विशेषज्ञों से सुझाव लेकर एक ऐसा प्रारूप तैयार करेगी, जो विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण जैसे मामलों में एक समान कानून लागू करने का आधार बनेगा।
पर्सनल लॉ पर पड़ेगा असर
वर्तमान में इन सभी विषयों पर अलग-अलग धर्मों के अनुसार अलग-अलग पर्सनल लॉ लागू हैं, जिससे न्याय प्रक्रिया जटिल और असमान बनती है।
सरकार का मानना है कि UCC लागू होने से:
- कानून सरल और एकरूप होगा
- न्याय प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी
- धार्मिक और लैंगिक समानता को बढ़ावा मिलेगा
यह कदम सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 44 की भावना को लागू करने की दिशा में माना जा रहा है।
जनभागीदारी से तैयार होगा कानून
सरकार इस प्रक्रिया को पूरी तरह सहभागी बनाने जा रही है। समिति वेब पोर्टल के माध्यम से आम जनता से भी सुझाव लेगी। इसके बाद तैयार ड्राफ्ट को कैबिनेट की मंजूरी के पश्चात विधानसभा में प्रस्तुत किया जाएगा।
राजनीतिक और सामाजिक प्रभाव पर नजर
छत्तीसगढ़ में UCC की दिशा में यह कदम केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं, बल्कि सामाजिक और कानूनी ढांचे में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।
- यदि यह लागू होता है, तो राज्य में पहली बार धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों की जगह एक समान नागरिक कानून व्यवस्था लागू होगी।
- यह निर्णय आने वाले समय में राजनीतिक, सामाजिक और कानूनी बहसों का केंद्र बनने की पूरी संभावना रखता है।
कैबिनेट के अन्य अहम फैसले भी महत्वपूर्ण
हालांकि बैठक का सबसे बड़ा निर्णय UCC रहा, लेकिन इसके साथ कई अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए:
- महिलाओं के नाम पर संपत्ति रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% छूट, महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा
- सैनिकों और पूर्व सैनिकों को 25 लाख तक संपत्ति खरीद पर 25% स्टाम्प शुल्क छूट
- औद्योगिक भूमि नियमों में संशोधन से Ease of Doing Business को बढ़ावा
- रेत खदानों और खनिज नियमों में बदलाव से पारदर्शिता और उपलब्धता सुनिश्चित
- पशुपालन और टीकाकरण योजनाओं से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती







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