छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रदेशवासियों के नाम एक बेहद आत्मीय पत्र भेजकर बधाई दी है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस स्नेहपूर्ण शुभकामना के लिए राज्य के तीन करोड़ नागरिकों की तरफ से प्रधानमंत्री का दिल से आभार जताया। सीएम ने कहा कि पीएम मोदी का यह पत्र छत्तीसगढ़ की माटी, यहां के मेहनतकश लोगों और गौरवशाली संस्कृति के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाता है। यह संदेश विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हम सबको नई ऊर्जा और हौसला देता है।
अटल जी के सपने को पूरा करने की प्रतिबद्धता मुख्यमंत्री ने अपने जवाब में याद दिलाया कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य बनाकर यहां के लोगों की बरसों पुरानी मांग पूरी की थी। आज पीएम मोदी के मार्गदर्शन में उस समृद्ध और आत्मनिर्भर राज्य के सपने को साकार करना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। पिछले साल राज्य की रजत जयंती पर पीएम का आगमन और नए विधानसभा भवन का लोकार्पण प्रदेश के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।
लाल आतंक पर लगाम, बस्तर में लौटा भरोसा सीएम साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने पत्र में नक्सलवाद के खिलाफ मिली ऐतिहासिक कामयाबी का खास तौर पर जिक्र किया है। सुरक्षाबलों के साहस और जनता के साथ से आज बस्तर की तस्वीर बदल चुकी है। कभी गोलियों की आवाज के लिए जाना जाने वाला बस्तर अब शांति और तरक्की की नई राह पर है। ‘नियद नेल्लानार’ योजना से अंदरूनी गांवों तक बिजली, पानी, सड़क और अस्पताल पहुंच रहे हैं। वहीं ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों से स्थानीय युवाओं का हुनर सामने आ रहा है और पूरा इलाका पर्यटन और खेलों का बड़ा हब बन रहा है।
किसानों और महिलाओं के चेहरे पर लौटी मुस्कान राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा असर दिख रहा है। 25 लाख से ज्यादा किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से धान खरीदी का फायदा मिल रहा है। ‘महतारी वंदन योजना’ के तहत करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक-एक हजार रुपये की सीधी मदद देकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इसके साथ ही 73 लाख परिवारों को मुफ्त राशन, 22 लाख पक्के मकान, 41 लाख घरों में नल का पानी और ढाई करोड़ आयुष्मान कार्डों से लोगों का जीवन काफी आसान हुआ है।
सड़कों का जाल, रेल नेटवर्क और हाईटेक नवा रायपुर सड़क और रेल नेटवर्क के विस्तार ने प्रदेश को नई रफ्तार दी है। 51 हजार करोड़ से ज्यादा की रेल योजनाएं, वंदे भारत ट्रेनें और रायपुर-विशाखापट्टनम जैसे नए एक्सप्रेसवे से कारोबार और रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। नवा रायपुर को सेमीकंडक्टर और एआई जैसी आधुनिक तकनीक के सेंटर के रूप में उभारा जा रहा है। साथ ही गोंडी, हल्बी और सरगुजिहा जैसी स्थानीय बोलियों में पढ़ाई को बढ़ावा देकर परंपरा को भी सहेजा जा रहा है।
सीएम साय ने भरोसा दिलाया कि गुरु घासीदास बाबा के ‘मनखे मनखे एक समान’ के विचार और ‘अंजोर विजन’ के दम पर छत्तीसगढ़ ‘विकसित भारत @2047’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को पूरा करने में अपनी सबसे मजबूत भागीदारी निभाएगा।










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