छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था संभालने, आग बुझाने और आपदा के समय मोर्चे पर डटे रहने वाले नगर सैनिकों के मानदेय में बढ़ोतरी की तैयारी है। गृह विभाग के प्रस्ताव के मुताबिक, अब नगर सैनिकों को हर महीने 30,870 रुपए मिल सकते हैं। अभी तक उनका मूल मानदेय 19,500 रुपए प्रतिमाह था। इसमें 58 फीसदी महंगाई भत्ता और वर्दी धुलाई भत्ता जोड़कर नई राशि तय की गई है। प्रस्ताव लागू होने पर प्रदेश के करीब 7,900 नगर सैनिकों को इसका फायदा मिलने का दावा है। हालांकि, यह बढ़ोतरी अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। इसे लागू करने के लिए शासन की अंतिम मंजूरी और आदेश अहम होंगे।
अब कितना मिलेगा मानदेय
गृह विभाग के प्रस्ताव में मानदेय का पूरा हिसाब दिया गया है। इसके मुताबिक नगर सैनिकों का मूल मानदेय 19,500 रुपए प्रतिमाह रहेगा। इस पर 58 फीसदी की दर से 11,310 रुपए महंगाई भत्ता जोड़ा जाएगा। इसके अलावा वर्दी धुलाई के लिए 60 रुपए मिलेंगे। इस तरह कुल रकम 30,870 रुपए प्रतिमाह होगी। इसे प्रतिदिन के हिसाब से करीब 1,029 रुपए बताया गया है। इस बढ़ोतरी से लंबे समय से ड्यूटी कर रहे नगर सैनिकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन वास्तविक फायदा तभी मिलेगा, जब प्रस्ताव को मंजूरी देकर भुगतान शुरू किया जाएगा।
2017 में भी बढ़ा था मानदेय
नगर सैनिकों के मानदेय में इससे पहले भी बढ़ोतरी की गई थी। साल 2017 में गृह विभाग के आदेश से 3,200 रुपए बढ़ाए गए थे। इसके बाद उनका मासिक मानदेय 10 हजार से बढ़कर 13,200 रुपए हो गया था। फिर 30 मई 2023 को जारी आदेश के जरिए 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में 6,300 रुपए की बढ़ोतरी की गई। इससे मासिक मानदेय 19,500 रुपए पहुंच गया। अब एक बार फिर इसमें बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यानी पिछली बढ़ोतरी के बाद नगर सैनिकों के मानदेय में नए बदलाव की तैयारी है।
महंगाई और ड्यूटी का दबाव
नगर सैनिक पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था बनाए रखने, त्योहारों और बड़े आयोजनों में भीड़ संभालने, अग्निशमन सेवाओं और आपदा प्रबंधन जैसे कामों में तैनात किए जाते हैं। कई बार उन्हें कठिन परिस्थितियों में लंबे समय तक ड्यूटी करनी पड़ती है। गृह विभाग ने मानदेय बढ़ाने के प्रस्ताव के पीछे महंगाई, न्यायालय के निर्देशों और ड्यूटी के दौरान नगर सैनिकों की जिम्मेदारियों को प्रमुख आधार बताया है। बढ़ती कीमतों के बीच मौजूदा मानदेय में घर चलाना कितना मुश्किल है, यह सवाल भी इस प्रस्ताव के साथ जुड़ा है।
अब शासन के फैसले पर नजर
प्रस्तावित बढ़ोतरी से करीब 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। लेकिन अभी सबसे अहम सवाल यही है कि शासन इस प्रस्ताव को कब मंजूरी देता है और नया मानदेय किस तारीख से लागू होगा। प्रस्ताव में रकम तय होने का मतलब यह नहीं कि बढ़ा हुआ भुगतान तत्काल शुरू हो गया है। नगर सैनिकों को अब अंतिम आदेश का इंतजार रहेगा। सरकार की मंजूरी के बाद ही साफ होगा कि बढ़ी हुई राशि कब से उनके खातों तक पहुंचेगी।











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