देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर हो रहा आयोजन – केंद्रीय खेल राज्य मंत्री डॉ.खड़से

राज्य सरकार की एक अनूठी और दूरदर्शी पहल के तहत छत्तीसगढ़ की खेल संस्कृति को एक नया और पेशेवर आयाम देने वाली देश की पहली छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का रंगारंग और भव्य शुभारंभ रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में किया गया। चलव रे संगी हॉकी खेलबो के जीवंत उद्घोष के साथ शुरू हुई इस प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर के ओलंपियनों, दिग्गज खिलाड़ियों और छत्तीसगढ़ के उभरते युवा खिलाड़ियों का एक अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन से राज्य के खेल जगत में प्रतिस्पर्धा का एक बिल्कुल नया दौर शुरू हो गया है, जो स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर चमकने का सुनहरा अवसर देगा।

     ​इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री डॉ.रक्षा निखिल खड़से ने की। समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा, समारोह में राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्व विजय सिंह तोमर, बीज निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर और खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, छत्तीसगढ़ हाकी लीग के ब्रांड एंबेसडर सरदार सिंह, पूर्व अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर श्री राजेश चौहान सहित कई गणमान्य नागरिक और खेलप्रेमी भारी संख्या में मौजूद रहे।

    ​समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खड़से ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आने का यह उनका दूसरा अवसर है, इससे पहले वे बस्तर में खेलो इंडिया ट्राइबल खेल के आयोजन के दौरान यहाँ आई थीं। उन्होंने देश की खेल प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज भारत खेलों में लगातार आगे बढ़ रहा है और सरकार का मुख्य उद्देश्य खेल को देश के हर घर तक पहुँचाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप पूरे देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर आयोजन किए जा रहे हैं और इसके लिए पर्याप्त बजट भी प्रदान किया जा रहा है। आज केवल क्रिकेट ही नहीं, बल्कि अन्य सभी खेलों को भी समान रूप से प्राथमिकता दी जा रही है। निजी संस्थान भी आगे बढ़कर युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित कर रहे हैं, क्योंकि युवाओं की ऊर्जा और ताकत से ही देश का भविष्य मजबूत होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि वह दिन दूर नहीं जब छत्तीसगढ़ को देश के एक प्रमुख श्खेल गढ़श् के रूप में जाना जाएगा।

   ​समारोह के अति विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि इस छत्तीसगढ़ हॉकी लीग की गूँज पूरे राज्य में चलो रे संगी हॉकी खेलबो के रूप में गूँजेगी और आज का यह ऐतिहासिक अवसर हम सभी के लिए अत्यंत यादगार रहेगा। उन्होंने बड़े गर्व के साथ याद दिलाया कि आज ही के दिन, ठीक 25 साल पहले भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने विश्व कप जीता था, और उसी स्वर्णिम विजेता टीम के सम्मानित सदस्य श्री देवेश चौहान इस प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम के मुख्य कोच के रूप में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। श्री साव ने कहा कि राज्य में हॉकी के खेल को उत्कृष्ट और पेशेवर स्तर पर स्थापित करने में यह प्रतियोगिता मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने इस बात को भी रेखांकित किया कि छत्तीसगढ़ की माटी ने विन्सेंट लकड़ा, मृणाल चौबे, रेणुका यादव और सबा अंजुम जैसे महान हॉकी खिलाड़ी देश को दिए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय संदेश जो खेलेगा, वो खिलेगा को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि खेल का मैदान केवल एक खिलाड़ी तैयार नहीं करता, बल्कि मनुष्य के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व के गुणों को भी विकसित करता है।

   ​राज्य सभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा ने अपने वक्तव्य में कहा कि हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है और छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ऐसा उच्च-स्तरीय मंच मिलना बड़े सौभाग्य की बात है। इस लीग के आयोजन से प्रदेश के युवा खिलाड़ी अत्यधिक प्रेरित होंगे और उन्हें अपने खेल को निखारने का पूरा मौका मिलेगा। वहीं, खेल विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार ने प्रतियोगिता की रूपरेखा स्पष्ट करते हुए बताया कि 22 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलने वाली इस लीग में कुल छह फ्रेंचाइजी टीमें पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरी हैं। प्रत्येक 22 सदस्यीय टीम में छत्तीसगढ़ के 18 स्थानीय खिलाड़ियों के साथ-साथ 4 प्रतिष्ठित राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय (ओलंपियन) खिलाड़ियों को शामिल किया गया है, ताकि हमारे युवाओं को देश के शीर्ष खिलाड़ियों के साथ खेलने, उनकी तकनीक सीखने और एक उत्कृष्ट खेल वातावरण का अनुभव प्राप्त करने का पूरा अवसर मिल सके।

     ​इस रोमांचक लीग में कॉरपोरेट जगत और सरकारी उपक्रमों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिल रही है, जिसके तहत छह प्रमुख फ्रेंचाइजी टीमें खिताब के लिए आपस में भिड़ेंगी। इनमें जिंदल स्टील लिमिटेड के स्वामित्व वाली चक्रधर चौंपियंस, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की श्न्यायधानी नाइट्सश्, श्री बजरंग पावर एंड इस्पात लिमिटेड की श्राजधानी रॉयल्सश्, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की मैनपाट टाइगर्स, सारडा एनर्जी एंड मिनरल्स लिमिटेड की संस्कारधानी स्ट्राइकर्स और एनएमडीसी लिमिटेड की फ्रेंचाइजी बैलाडीला बुल्स शामिल हैं। इन टीमों के माध्यम से कॉर्पाेरेट और खेल क्षेत्र के बीच एक मजबूत तालमेल देखने को मिल रहा है।

     ​प्रतियोगिता के मुकाबलों का रोमांच 22 अक्टूबर से शुरू होकर 1 नवंबर तक लगातार जारी रहेगा। सभी मैच रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले जा रहे हैं, जहाँ प्रतिदिन दो रोमांचक मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं। पहला मैच प्रतिदिन शाम साढ़े पाँच बजे और दूसरा मुकाबला शाम साढ़े सात बजे से शुरू होता है। लीग के पहले दिन महिला खिलाड़ियों का एक विशेष प्रदर्शनी मैच भी आयोजित किया गया, जिसने प्रदेश में महिला हॉकी को एक नई ऊर्जा और प्रोत्साहन प्रदान किया है। इन सभी मुकाबलों का विधिवत और पेशेवर संचालन हॉकी इंडिया के अधिकृत अधिकारियों एवं ऑफिशियल्स द्वारा किया जा रहा है, जिससे खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप नियमों और व्यवस्थाओं का व्यावहारिक अनुभव मिल रहा है।

    ​इस आयोजन को जन-जन से जोड़ने के लिए राज्य सरकार ने विशेष व्यवस्थाएँ की हैं। स्टेडियम में खेलप्रेमियों, विद्यार्थियों और नागरिकों के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग पहुँचकर देश के दिग्गज खिलाड़ियों और प्रदेश की युवा प्रतिभाओं को लाइव खेलते हुए देख सकें। इसके अलावा, जो खेलप्रेमी स्टेडियम तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, वे देश के किसी भी कोने से जियोहॉटस्टार  (JioHotstar) पर इन सभी मुकाबलों का सीधा प्रसारण देख सकते हैं।

   ​यह ऐतिहासिक छत्तीसगढ़ हॉकी लीग न केवल स्थानीय खिलाड़ियों के लिए अपनी क्षमता साबित करने का एक बेहतरीन मंच साबित हो रही है, बल्कि यह प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर एक मजबूत और उभरते हुए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में भी एक क्रांतिकारी कदम सिद्ध हो रही है।

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