डिजिटल युग में साइबर अपराध एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आए हैं और इनसे सुरक्षित रहने का सबसे प्रभावी माध्यम जागरूकता, सतर्कता और जनभागीदारी है। साइबर सुरक्षा केवल शासन और पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है। हमें साइबर जागरूकता को जनआंदोलन का स्वरूप देना होगा, तभी हम साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों से सुरक्षित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार कर सकेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित ‘साइबर जागृति अभियान एवं ट्रैफिक हैकाथॉन-2026’ के अभिनंदन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।
डिजिटल क्रांति ने जीवन आसान बनाया, अब साइबर सुरक्षा के प्रति सजगता जरूरी
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया ने देश में अभूतपूर्व परिवर्तन किया है। वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने डिजिटल इंडिया की परिकल्पना प्रस्तुत की थी, उस समय इतने विशाल देश और बड़ी ग्रामीण आबादी के बीच डिजिटल अर्थव्यवस्था की सफलता को लेकर अनेक आशंकाएं व्यक्त की जाती थीं। आज स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। गांव का सामान्य नागरिक भी मोबाइल फोन के माध्यम से डिजिटल भुगतान कर रहा है और तकनीक के जरिए देश-दुनिया से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि डिजिटल सुविधाओं के विस्तार ने जहां नागरिकों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर ठगी और डिजिटल अपराधों की चुनौतियां भी बढ़ी हैं। अपराधी नई-नई तकनीकों और तरीकों का उपयोग कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। कई बार तकनीकी रूप से जानकार व्यक्ति भी इनके जाल में फंस जाते हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को साइबर अपराध के तौर-तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी होना बेहद जरूरी है।
सात सप्ताह के अभियान से 1.70 करोड़ लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश
मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चलाए गए सात सप्ताह के विशेष साइबर जागृति अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस अभियान ने साइबर सुरक्षा के संदेश को शहरों से लेकर गांवों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों को केंद्र में रखकर अभिनव गतिविधियां आयोजित की गईं। विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, विद्यालयों, ग्राम पंचायतों, हाट-बाजारों और सार्वजनिक स्थलों तक पहुंचकर नागरिकों को जागरूक किया गया। अभियान के दौरान 5 लाख से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, 5 लाख से अधिक सेल्फी के माध्यम से नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की गई और लगभग 1 करोड़ 70 लाख लोगों तक साइबर अपराधों से बचाव का संदेश पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी यह दर्शाती है कि साइबर सुरक्षा अब केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार और नागरिक से जुड़ा विषय बन चुका है।
अभियान का समापन नहीं, यह एक नई शुरुआत है : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साइबर जागृति अभियान को किसी निश्चित अवधि तक सीमित नहीं रखा जा सकता। सात सप्ताह का यह अभियान समाप्त जरूर हुआ है, लेकिन साइबर जागरूकता की यह यात्रा आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना है। इसके लिए पुलिस और प्रशासन के साथ सामाजिक संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, युवाओं और आम नागरिकों को भी सक्रिय भागीदारी निभानी होगी। विशेष रूप से युवाओं को साइबर जागरूकता के संवाहक के रूप में आगे आकर अपने परिवार और समाज को सुरक्षित बनाने में योगदान देना चाहिए।











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