नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहा छत्तीसगढ़ : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह

रायपुर, 03 नवम्बर 2026/ केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब नक्सलवाद के भय और हिंसा के वातावरण से निकलकर शांति, विकास और समृद्धि की नई यात्रा पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से प्रदेश में विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक समय छत्तीसगढ़ के बारे में कहा जाता था कि यहां की धरती अमीर है, लेकिन लोग गरीब हैं। आने वाले दस वर्षों में छत्तीसगढ़ की धरती भी समृद्ध रहेगी और यहां के लोग भी समृद्ध एवं खुशहाल होंगे। यही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का संकल्प है।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह आज नवा रायपुर में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के समापन एवं राज्य अलंकरण समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री ने प्रदेश की विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों एवं संस्थाओं को प्रतिष्ठित राज्य अलंकरण सम्मान प्रदान किए। उन्होंने महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त की राशि भी प्रदेश की लाखों महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की।

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने अपने उद्बोधन की शुरुआत भारत माता, प्रभु श्रीराम और छत्तीसगढ़ महतारी के जयकारों के साथ की। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सिद्धि और संकल्प का दिन है। गौरव, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी की उस विरासत का है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ को अलग राज्य की पहचान दी। सिद्धि नक्सलवाद के उन्मूलन के संकल्प की है और संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का है।

अटल जी ने बनाया छत्तीसगढ़, प्रधानमंत्री मोदी ने विकास को दी नई दिशा

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वर्ष 2000 में छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण अटल जी की दूरदर्शिता और इस क्षेत्र के विकास की आवश्यकता को ध्यान में रखकर किया गया था। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के गठन के पीछे यहां की जनता को विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने और क्षेत्रीय आकांक्षाओं को नई पहचान देने का उद्देश्य था।

श्री शाह ने कहा कि अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ को संवारने का कार्य किया है। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद छत्तीसगढ़ ने विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है और अब प्रदेश विकसित भारत के निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

नक्सलवाद के विरुद्ध सुरक्षा बलों के साहस और बस्तर की जनता के सहयोग को किया नमन

केंद्रीय गृह मंत्री श्री शाह ने नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के आदिवासी अंचलों ने लंबे समय तक हिंसा और भय का सामना किया है। जिन जंगलों में महुआ, तेंदूपत्ता और लोकगीतों की पहचान होनी चाहिए थी, वहां बारूदी सुरंगें बिछाई गईं। जिन बच्चों के हाथों में किताबें और कलम होनी चाहिए थीं, उन्हें हिंसा की ओर धकेला गया। स्कूलों और सड़कों जैसी विकास की बुनियादी सुविधाओं को भी नक्सली हिंसा से नुकसान पहुंचाया गया।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने नक्सलवाद के उन्मूलन के लिए स्पष्ट रणनीति और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य किया है। उन्होंने केंद्रीय सुरक्षा बलों और छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों के पराक्रम और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति एवं विकास का वातावरण तैयार हुआ है।

श्री शाह ने कहा कि सरकार की नीति स्पष्ट है। जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण करते हैं, उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल होने का अवसर दिया जाता है। वहीं कानून तोड़कर निर्दोष नागरिकों के जीवन को खतरे में डालने वालों के विरुद्ध सुरक्षा बल कार्रवाई करते हैं। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध अभियान में बड़ी संख्या में लोगों ने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुना है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने नक्सली हिंसा से दिव्यांग हुए लोगों के पुनर्वास का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रभावित लोगों को कृत्रिम अंग उपलब्ध कराकर उनके जीवन को सुगम बनाने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि मानवाधिकारों की चिंता करते समय नक्सली हिंसा के पीड़ित निर्दोष नागरिकों, आदिवासियों, बच्चों और सुरक्षाकर्मियों के अधिकारों को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

नक्सलवाद के अवरोध दूर होने से पर्यटन और रोजगार की संभावनाओं का होगा विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सौंदर्य, वन संपदा, खनिज संसाधनों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिपूर्ण प्रदेश है। नक्सलवाद के कारण लंबे समय तक बस्तर सहित अनेक क्षेत्रों की पर्यटन संभावनाएं पूरी तरह विकसित नहीं हो सकीं। अब सुरक्षा और शांति का वातावरण बनने से पर्यटन, उद्योग, व्यापार तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।

उन्होंने चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, मां बम्लेश्वरी मंदिर, मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा जैसी प्रमुख पर्यटन एवं सांस्कृतिक धरोहरों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन स्थलों में देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी पर्यटन राज्यों में अपनी पहचान स्थापित करेगा।

श्री शाह ने कहा कि पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पादों को बाजार उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति और जनजातीय परंपराओं को मिल रही नई पहचान

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश गुरु घासीदास के सामाजिक समानता के संदेश और गुरु नानक देव जी की सेवा एवं सत्य की शिक्षाओं से प्रेरणा प्राप्त करता है। सेवा, समरसता और सच्चाई छत्तीसगढ़ के सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण संस्कार हैं।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की लोककला, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों के माध्यम से जनजातीय समाज की संस्कृति, खेल प्रतिभाओं और पारंपरिक जीवनशैली को नई पहचान मिल रही है।

श्री शाह ने पंथी, पंडवानी, राउत नाचा, करमा और सैला नृत्य सहित छत्तीसगढ़ की विभिन्न लोककलाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि बस्तर की पारंपरिक वेशभूषा, खानपान, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक परंपराओं में वैश्विक पहचान प्राप्त करने की क्षमता है। उन्होंने बस्तर दशहरा की विशिष्ट परंपरा की भी सराहना की।

नवा रायपुर को पीपल सिटी बनाने की पहल, पर्यावरण संरक्षण का बनेगा उदाहरण

केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास की दिशा में यह महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि इस पार्क में लगभग 2,500 पीपल के पौधे लगाए गए हैं।

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