– छत्तीसगढ़ की नोनी ना कभी रोनी चाही न कभी खोनी चाही बल्कि संजोनी चाहिए” – डॉ. वर्णिका
– नोनी के युवा छत्तीसगढ़ के धरोहर – विश्व विजय तोमर
रायपुर, 18 दिसंबर 2025:- अलायंस फॉर बिहेवियर चेंज, यूनिसेफ, एग्रिकोन समिति के संयुक्त तत्वावधान में नोनी जोहार का चौथा संस्करण शहर के बेबीलोन होटल में दो दिवसीय कार्यक्रम नोनी जोहार कार्यक्रम प्रारंभ हुआ। बिहेवियर मैटर्स” विषय पर हुए इस आयोजन में प्रदेश के 15 जिलों से आए 250 युवाओं ने सहभागिता की और विभिन्न सामाजिक विषयों पर अपनी लर्निंग साझा किया।कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, विशिष्ट अतिथि राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर, अभिषेक सिंह (SBC स्पेशलिस्ट, यूनिसेफ छत्तीसगढ़), बाल पारितोष यूनिसेफ , चेतना देसाई (चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट, यूनिसेफ) ने संयुक्त रूप से किया। छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने नोनी जोहार की भावना को रेखांकित करते हुए कहा “हमर छत्तीसगढ़ की नोनी रोनी नहीं चाहिए, न ही कहीं खोनी चाहिए; बल्कि छत्तीसगढ़ की नोनी संजोनी चाहिए—तभी नोनी जोहार सार्थक होगा।”विशिष्ट अतिथि राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्वविजय सिंह तोमर ने कहा कि छत्तीसग़ढ का युवा हमेशा से विकास का दूत रहा है। नोनी जोहार में आए युवाओं ने इसे साबित किया है। यूनिसेफ के एसबीसी स्पेशलिस्ट अभिषेक सिंह ने कहा कि परिवर्तन के लिए बड़े प्रयासों के स्थान पर हम छोटे छोटे प्रयास करें तो विकास नए और स्थाई रूप में दिखेगा। छोटे-छोटे व्यवहारों में निवेश करके हम बड़े बदलाव को संभव बना सकते हैं।यूनिसेफ की चाइल्ड प्रोटेक्शन स्पेशलिस्ट चेतना देसाई ने कहा कि किशोरावस्था एक ऐसी अवस्था है जहां सरकार, समाज और प्रभावशाली लोगों को निवेश करना होगा। कार्यक्रम के दौरान “सकारात्मक परवरिश की राह: सहज अनुसरण से अनुशासन की ओर” विषयक सामग्री का विमोचन भी किया गया। लेटर टू योरसेल्फ के एक सत्र में विभूति दुग्गल ने बच्चों से उनके मन की व्यथा से उभरकर बेहतर व्यक्तित्व निर्माण के लिए लेटर लिखवाया। दिव्यांगजनों के लिए AI से जुड़ी सॉफ्टवेयर का निर्माण करनेवाली सुश्री फाल्गुनी ने बेहतर स्वास्थ्य लाभ के लिए AI इस्तेमाल की विस्तृत जानकारी दी। इसके पश्चात डॉ. अतिथियों ने बच्चों द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टॉल्स का भ्रमण किया। इनमें निशक्तजन, शिक्षा, साइबर हीरो, बिलासपुर का पोषण से पुनर्जीवन, कबीरधाम का समानता से सशक्तिकरण तथा मन के रंग—चेहरे बोलते हैं जैसे विषयों पर आधारित स्टॉल्स शामिल रहे। बच्चों की रचनात्मकता, समझ और प्रस्तुति देखकर सभी ने प्रसन्नता व्यक्त की और उनके प्रयासों की सराहना की।दिनभर चले कार्यक्रमों ने युवा स्वयंसेवकों ने अपने अनुभव साझा किए और क्षेत्रीय लोकगीत गीत पर खूब मस्ती की। कार्यक्रम में उक्त अतिथियों के अतिरिक्त रायपुर जिला पंचायत सभापति सरोज चंद्राकर, खैरागढ़ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर योगेंद्र चौबे, रायपुर ग्रामीण भाजपा महिला अध्यक्ष रश्मि वर्मा, अलायंस के स्टेट नोडल मनीष सिंह, मानस बनर्जी (अग्रिकॉन), यूनिसेफ कंसल्टेंट चंदन कुमार, अभिषेक त्रिपाठी सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।








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