रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने किसान मोर्चा के जरिए संगठनात्मक मजबूती की दिशा में अहम कदम उठाया है। भाजपा किसान मोर्चा की नवगठित प्रदेश कार्यकारिणी में मस्तूरी क्षेत्र के चर्चित नेता बी पी सिंह को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। पार्टी के इस फैसले को किसान और हिंदुत्व—दोनों मोर्चों पर आक्रामक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
संगठन और संघर्ष का मिला फायदा
बी पी सिंह लंबे समय से किसान मोर्चा से जुड़े रहे हैं और प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष के रूप में उन्होंने संगठनात्मक जिम्मेदारियों को बखूबी निभाया है। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में संयोजक के तौर पर उनकी सक्रियता और जमीनी पकड़ ने पार्टी को कई आंदोलनों और अभियानों में मजबूती दी। संगठन के भीतर उन्हें एक स्पष्ट वक्ता और संघर्षशील नेता के रूप में जाना जाता है।
किसानों के मुद्दों पर मुखर आवाज
धान खरीदी, समर्थन मूल्य, खाद-बीज संकट और किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों पर बी पी सिंह की लगातार मुखर भूमिका रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही कारण है कि पार्टी ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता जैसे अहम पद की जिम्मेदारी सौंपी है। प्रवक्ता के रूप में वे न केवल संगठन की नीतियों को सामने रखेंगे, बल्कि विपक्ष के आरोपों का भी तीखा जवाब देंगे।
आक्रामक रणनीति की झलक
भाजपा सूत्रों के अनुसार, यह नियुक्ति उस रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत पार्टी ऐसे चेहरों को आगे ला रही है जो ग्रामीण और किसान वर्ग में प्रभाव रखते हों और मीडिया व सार्वजनिक मंचों पर मजबूती से पार्टी का पक्ष रख सकें। आने वाले समय में किसान मोर्चा सरकार की योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने और विपक्ष की राजनीति को जवाब देने के लिए और ज्यादा सक्रिय नजर आएगा।








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