विकसित भारत के लिए अगला 10 साल अहम, वरन विश्व में पिछड़ जायेंगे  : राम माधव

  • इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर इंवेस्ट करना ही एकमात्र उपाय
  • “द न्यू वर्ल्ड: 21st सेंचुरी ग्लोबल ऑर्डर एंड इंडिया” के विमोचन,  परिचर्चा और विमर्श कार्यक्रम में उमड़ी भीड़

रायपुर । विकसित भारत बनाने के लिए अगला 10 साल महत्वपूर्ण और रणनीतिक होगा। अगले 10 साल में किए जानेवाली कार्य ही वर्ल्ड पॉलिटिक्स में भारत की पोजिशन तय करेगी। उक्त बातें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक, चिंतक और लेखक डॉ. राम माधव ने रायपुर के सिविल लाइंस नया सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में अपनी लिखित पुस्तक “द न्यू वर्ल्ड: 21st सेंचुरी ग्लोबल ऑर्डर एंड इंडिया” के विमोचन,  परिचर्चा और विमर्श कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। यह कार्यक्रम साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद और छत्तीसगढ़ यंग थिंकर्स फाउंडेशन संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।  

उन्होंने कहा कि हमारे देश में lethargy की संख्या बढती जा रही हैं। दुनिया में एक बहुत बड़ा परिवर्तन हो रहा है। हम जब तक अपने को अपडेट करते हैं तब तक विश्व के लोग नया चीज ला देते हैं। ऐसे में हमारी मानसिकता इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर इंवेस्ट करने की होनी चाहिए । हम सब कुछ सरकारों के जिम्मे नहीं छोड़ सकते हैं। भारत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब राज्य सरकारों, उद्यमियों, चिंतकों को उठाना पड़ेगा।

वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने भी सबोधित किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के सलाहकार अपूर्व मिश्र वक्ता के रूप में मौजूद थे। कार्यक्रम का मंच संचालन साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद के अध्यक्ष शशांक शर्मा ने किया ।  

दुनिया ट्रांस-फॉर्मेशन से गुजर रही

माधव के मुताबिक, इस समय दुनिया ट्रांसफॉर्मेशन से गुजर रही है। पुरानी व्यवस्था collapse कर रही है और new world बना नहीं है। इसलिए इस बीच में हम हैं और monster पैदा लिए हैं।  यही कारण है कि कुछ देशों में प्रदर्शन बढ़ें हैं। ये वो दौर चल रहा है जब हम एक नई व्यवस्था तलाश रहे हैं और यही वह समय है जब भारत आगे बढ़ रहा है, टॉप वैश्विक परिवर्तन के नीति में भाग लेना होगा। अब हमारे पास मात्र 10 साल है।

Metahuman के युग में हमें स्वयं को खड़ा करना जिम्मेदारी

उन्होंने बताया कि हम Metahuman की दिशा में बढ़ रहे हैं। क्या इंडिया इसके लिए तैयार हो रहा है। हमारे देश में R&D पर काम नहीं हो रहा है। आप थोड़ा तैयार होइए। आगामी 10 वर्षों में हम स्वयं को इस बदलते युग में तैयार हों जाएं, वरन हम पीछे हो जाएंगे।अगर भारत को विश्व को ड्राइव करना है तो हमें खड़ा होना होगा।

पुस्तक विमोचन में उमड़ी भीड़

अब निजी और आंतरिक समस्याओं का बहाना नहीं दे सकते

अब हम ये बहाना नहीं दे सकते कि हमारे राज्य या जिले में आंतरिक विपदाएं थी, हम उससे निपट रहे थे। हर विकसित देश ने यह कभी नहीं किया है। 1960 में अमेरिका में जातिवाद को लेकर बड़ा संघर्ष पनपा, लेकिन वो देश आगे बढ़ा, क्योंकि उसने बहाने छोड़ा और आगे का सोचा। माधव ने कहा – आइडिएशन और इनोवेशन को बेस बनाकर चलना होगा।

हम रिसर्च एंड डेवलेपमेंट में पीछे

हमारी यूनिवर्सिटी उन देशों की यूनिवर्सिटी से कहीं पीछे है, जिन्हें हम जिओ पॉलिटिक्स पर लीडर बोर्ड के टॉप पोजिशन पर देख रहे हैं। ये देश R&D में इंवेस्ट करते हैं। अब तक हमें अमेरिका लीड करते आया है। अगले आगामी 10 साल में हम अगर अपनी मानसिकता नहीं बदलते, इनोवेशंस पर खुद का खर्च नहीं करते तो संभव है कि चीन लीड कर जाए।

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