रायपुर। छत्तीसगढ़ अब सिर्फ खनिज और उद्योगों के भरोसे आगे बढ़ने की तैयारी में नहीं है। सरकार ने अर्थव्यवस्था का अगला मॉडल युवाओं, तकनीक, स्टार्टअप और ग्रीन एनर्जी के इर्द-गिर्द खड़ा करने का रोडमैप पेश किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दिल्ली में वर्ल्ड लीडर्स फोरम में राज्य की निवेश संभावनाएं गिनाते हुए युवाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाने का लक्ष्य सामने रखा।
8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव
नई औद्योगिक नीति के बाद सरकार के मुताबिक छत्तीसगढ़ को 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। सरकार का दावा है कि बीते दो वर्षों में 450 से ज्यादा प्रक्रियाओं को आसान किया गया है। अब स्टील, सीमेंट और खनन के साथ सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, डेटा सेंटर, फार्मा, टेक्सटाइल और लॉजिस्टिक्स जैसे सेक्टरों पर दांव है।
2030 तक 5 हजार स्टार्टअप
सरकार ने युवाओं को कारोबार की तरफ मोड़ने के लिए 2030 तक 5 हजार स्टार्टअप तैयार करने का लक्ष्य रखा है। नए उद्यमियों को आइडिया को कारोबार में बदलने के लिए 10 लाख रुपये तक सीड फंड सहायता देने की बात भी कही गई है। मकसद साफ है—सरकारी नौकरी के इंतजार से बाहर निकालकर युवाओं को रोजगार देने की भूमिका में लाना।
AI पर 500 करोड़ का दांव
छत्तीसगढ़ की नई इकोनॉमी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बड़ा हथियार बनाया जा रहा है। सरकार 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख कर्मचारियों को AI प्रशिक्षण देने की योजना बता रही है। 50 से ज्यादा AI आधारित सरकारी सेवाएं विकसित करने का लक्ष्य है। राज्य AI मिशन के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नवा रायपुर बनेगा AI हब
नवा रायपुर में करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से AI डेटा सेंटर पार्क विकसित करने की योजना है। इसके साथ 100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 से ज्यादा AI स्टार्टअप्स को सहयोग देने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार इसे डिजिटल इकोनॉमी और हाईटेक रोजगार का नया आधार मान रही है।
बस्तर में विकास का नया मॉडल
सरकार की रणनीति में बस्तर को भी नई अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर है। सुरक्षा स्थिति में सुधार के बाद निवेश, पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ाने की योजना है। करीब 10 लाख परिवारों की आय बढ़ाने के लिए 4,824 करोड़ रुपये की आजीविका उन्नयन योजना का जिक्र किया गया। बंद स्कूलों को फिर शुरू करने और डिजिटल हेल्थ सेवाओं का विस्तार भी इसी बदलाव का हिस्सा बताया गया।
ग्रीन एनर्जी पर अगला बड़ा दांव
छत्तीसगढ़ अब पारंपरिक ऊर्जा के साथ सौर और ग्रीन एनर्जी में भी विस्तार चाहता है। अगले वर्षों में करीब 4 हजार मेगावाट अतिरिक्त सौर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है। सरकार के मुताबिक 90 हजार से ज्यादा घर सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं। भिलाई में फ्लोटिंग सोलर प्लांट भी स्थापित किया गया है।
कच्चा माल नहीं, तैयार माल
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के सामने राज्य की पुरानी पहचान बदलने का संदेश दिया। लक्ष्य केवल खनिज और वन उत्पाद बाहर भेजना नहीं, बल्कि प्रदेश में ही प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन करना है। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल, गारमेंट और न्यू एनर्जी सेक्टर में नए क्लस्टर इसी रणनीति का हिस्सा हैं।
निवेश आसान, मंजूरी तेज
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम-2026 के जरिए निवेश प्रक्रियाओं को और सरल करने का दावा किया गया है। कम जोखिम वाले उद्योगों में तय समय पर फैसला नहीं होने पर स्वतः अनुमति का प्रावधान है। सरकार के अनुसार 8 विभागों की 43 सेवाएं इसके दायरे में हैं और इससे करीब 15 लाख MSME को फायदा मिलने की उम्मीद है।
सरकार का बड़ा संदेश
वर्ल्ड लीडर्स फोरम में सरकार ने छत्तीसगढ़ को संसाधन आधारित राज्य से आगे बढ़ाकर तकनीक, नवाचार और उद्यमिता आधारित अर्थव्यवस्था बनाने का संदेश दिया। अब असली परीक्षा निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और उनसे युवाओं के लिए वास्तविक रोजगार और कारोबार के अवसर पैदा करने की होगी।










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