प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिला आरक्षण विधेयक के माध्यम से भारतीय लोकतंत्र को अधिक जीवंत एवं सहभागी बनाने पर एक आलेख में अपने विचार साझा किए
नई दिल्ली/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि भारतीय लोकतंत्र को और अधिक जीवंत और सहभागी बनाने के लिए विधायी संस्थाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण समय की मांग है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी प्रकार की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी। उन्होंने इस विषय पर अपने विस्तृत विचार और दृष्टिकोण हाल ही में प्रकाशित एक ओप-एड आलेख के माध्यम से साझा किए।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रकाशित लेख को पढने के लिए इस लिंक को क्लिक करके पढ़ें – https://www.narendramodi.in/hi/a-step-to-strengthen-women-s-voice-in-india-s-democracy-604280
प्रधानमंत्री ने एक्स(X) पर लिखा:
“महिलाओं के लिए विधायी संस्थाओं में आरक्षण समय की मांग है! इससे हमारा लोकतंत्र और अधिक जीवंत एवं सहभागी बनेगा। इस आरक्षण को लागू करने में किसी भी तरह की देरी अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण होगी। इसी को लेकर मैंने अपने विचार इस आलेख में साझा किए हैं।”








Leave a Reply