भारत की संसद सऊदी अरब के साथ संसदीय मैत्री समूह बनाएगी:लोकसभा अध्यक्ष

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज घोषणा की कि भारत की संसद शीघ्र ही भारत-सऊदी अरब संसदीय मैत्री समूह का गठन करेगी। यह घोषणा सऊदी अरब साम्राज्य की शूरा काउंसिल की ओर से सऊदी-भारत संसदीय मैत्री समिति के चेयरमैनमहामहिम मेजर जनरल डॉ. अब्दुल रहमान बिन सनहत अल-हरबी के नेतृत्व में एक उच्च-स्तरीय शिष्टमंडल के साथ हुई बैठक के दौरान की गई। महामहिम ने आज संसद भवन में लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की।

शिष्टमंडल का स्वागत करते हुएश्री बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि संसदीय कूटनीति राष्ट्रों के बीच महत्वपूर्ण सेतु का काम करती हैजो गहरी समझ का विकाससर्वोत्तम प्रथाओं के आदान-प्रदान और मज़बूत संस्थागत सहयोग को संभव बनाती है। उन्होंने दोनों देशों की संसदीय समितियों के बीच नियमित संवाद का आह्वान किया। अध्यक्ष ने भारत और सऊदी अरब के बीच सदियों पुराने धार्मिकसांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों पर प्रकाश डाला और कहा कि पिछले एक दशक में निरंतर उच्च-स्तरीय आदान-प्रदान ने रक्षाऊर्जाक्षमता निर्माण और उभरते रणनीतिक क्षेत्रों में हमारी साझेदारी को मज़बूत किया है।

श्री बिरला ने सऊदी अरब द्वारा वहाँ निवास करने वाले विशाल भारतीय समुदाय को निरंतर दिए जा रहे समर्थन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासियों ने अपनी कड़ी मेहनतअनुशासन और सऊदी अर्थव्यवस्था में अपने योगदान के माध्यम से विश्व स्तर पर सम्मान अर्जित किया है। सऊदी अरब में योग की बढ़ती लोकप्रियता पर प्रकाश डालते हुएश्री बिरला ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आदान-प्रदान लोगों के बीच संबंधों को और गहरा करते हैं। वैश्विक सहयोग के संबंध में श्री बिरला ने इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत और सऊदी अरब को जी-20, पी-20 और आईपीयू सहित बहुपक्षीय मंचों पर मिलकर काम करना चाहिए और साझी वैश्विक चुनौतियों के मामले में अपनी साझी राय के अनुसार काम करना चाहिए। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोणजो वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित हैभारत की वैश्विक भागीदारी का मार्गदर्शन करता है और संसद भी इसी समावेशी और सहयोगपरक दृष्टिकोण का अनुसरण करती है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि शिष्टमंडल की यात्रा द्विपक्षीय एवं संसदीय संबंधों को और मज़बूत करेगी तथा विविध क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देगी।

महामहिम मेजर जनरल डॉ. अब्दुल रहमान बिन सनहत अल-हरबी ने भारत के हज यात्रियों के साथ हुई हालिया त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवारों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने भारत के साथ सऊदी अरब के लोगों की एकजुटता की पुष्टि की और जी-20, आईपीयू और अन्य बहुपक्षीय मंचों सहित अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर घनिष्ठ सहयोग के महत्व पर ज़ोर दियाएवं यह आशा व्यक्त की कि भारत-सऊदी अरब संसदीय संबंधों का भविष्य उज्जवल होगा।

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