“कमिटमेंट टू इनोवेट, कमिटमेंट टू लीड” — प्रधानमंत्री मोदी ने मुंबई में भारत-फ्रांस नवाचार साझेदारी को दी नई दिशा

मुंबई | नवाचार, विश्वास और साझा वैश्विक नेतृत्व को केंद्र में रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुंबई में आयोजित भारत-फ्रांस नवाचार मंच का उद्घाटन किया। अपने संबोधन में उन्होंने फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron को “मेरे प्रिय मित्र” कहते हुए वर्ष 2026 को भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह केवल उत्सव नहीं, बल्कि दोनों देशों का साझा संकल्प है — “नवाचार का संकल्प, नेतृत्व का संकल्प।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस केवल दो बड़े इनोवेशन हब ही नहीं, बल्कि साझा मूल्यों और गहरे विश्वास से जुड़े साझेदार हैं। रणनीतिक तकनीकी क्षेत्रों में सहयोग ने दोनों देशों के संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया है।


प्राचीन विरासत से आधुनिक नवाचार तक भारत की यात्रा

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने हजारों वर्षों से गणित, चिकित्सा, धातुकर्म और स्थापत्य जैसे क्षेत्रों में मानव कल्याण हेतु नवाचार किया है। 21वीं सदी में भारत के युवा “इनोवेट फॉर ग्लोबल गुड” के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

उन्होंने बताया कि स्टार्टअप इंडिया पहल के तहत एक दशक में भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। 2014 में जहां केवल चार यूनिकॉर्न थे, आज 120 से अधिक यूनिकॉर्न भारत में सक्रिय हैं, जिनका संयुक्त मूल्य 350 बिलियन डॉलर से अधिक है। विश्व की लगभग हर बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनी किसी न किसी रूप में भारत के स्टार्टअप और नवाचार से जुड़ी हुई है।


स्कूल से उद्योग तक मजबूत नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले दशक में भारत ने स्कूलों से लेकर उद्योगों तक नवाचार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। Atal Innovation Mission और अटल टिंकरिंग लैब्स के माध्यम से लाखों विद्यार्थियों को नवाचार से जोड़ा गया है।

भारत आज विश्व के सबसे बड़े हैकाथॉन इकोसिस्टम में से एक है। स्टार्टअप इंडिया 2.0 के माध्यम से डीप-टेक नवाचार के लिए पूंजी जुटाई जा रही है। 10,000 से अधिक टिंकरिंग लैब्स में 1 करोड़ से अधिक छात्र नवाचार गतिविधियों से जुड़े हैं। प्रधानमंत्री ने उद्योग जगत से अपील की कि वे अटल इनोवेशन मिशन से अवश्य जुड़ें।


बजट में नवाचार को बढ़ावा: एआई से क्लीन एनर्जी तक

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा के लिए नवाचार इंजन का कार्य करेगा। इस वर्ष के बजट में 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब स्थापित करने की घोषणा की गई है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम टेक्नोलॉजी, बायोटेक, सेमीकंडक्टर और स्वच्छ ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में मिशन मोड में कार्य किया जा रहा है। साथ ही टेक्सटाइल, केमिकल्स, स्पोर्ट्स गुड्स, प्रिसिजन टूल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सहित सभी क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा।


महिला नेतृत्व से सशक्त होता शोध और नवाचार

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत महिला-नेतृत्व वाले शोध और नवाचार का उज्ज्वल उदाहरण बन रहा है। लगभग 50 प्रतिशत स्टार्टअप में कम से कम एक महिला निदेशक हैं। STEM क्षेत्रों में बड़ी संख्या में छात्राएं स्नातक बन रही हैं। कृषि, स्वास्थ्य और अंतरिक्ष मिशनों में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं।


भारत-फ्रांस साझेदारी: वैश्विक चुनौतियों का समाधान

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की गति और पैमाने के साथ जब फ्रांस की ताकत जुड़ती है, तो विश्व के लिए नए रास्ते खुलते हैं। फ्रांस ने 2030 तक 30,000 भारतीय विद्यार्थियों का स्वागत करने का लक्ष्य रखा है, जिससे युवा प्रतिभाओं का आदान-प्रदान और सशक्त होगा।

उन्होंने घोषणा की कि जून 2026 में फ्रांस में “भारत इनोवेट्स 2026” के तहत भारतीय टेक स्टार्टअप्स वैश्विक मंच पर स्वास्थ्य, जलवायु और सुरक्षा जैसी चुनौतियों के समाधान प्रस्तुत करेंगे।

विश्व के नेताओं, सीईओ, निवेशकों और विश्वविद्यालयों को आमंत्रित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आइए, मिलकर ऐसा भविष्य बनाएं जहां तकनीक मानवता की सेवा करे और प्रगति समावेशी हो।

अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति मैक्रों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए भारत-फ्रांस की गहरी मित्रता और विश्वास को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

भारत-फ्रांस नवाचार मंच का यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि वैश्विक प्रौद्योगिकी और समावेशी विकास के नए अध्याय की शुरुआत है।

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