जशपुर | जनजातीय समुदायों में जमीनी स्तर पर नेतृत्व विकसित करने और सरकारी योजनाओं को अंतिम छोर तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आदि कर्मयोगी स्वयंसेवक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन कलेक्ट्रेट सभाकक्ष, जशपुर में किया गया।
यह कार्यक्रम जिला प्रशासन, UNICEF, समग्र शिक्षा विभाग, सर्वहितम एवं एग्रीकोन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कलेक्ट्रेट सभा कक्ष जशपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
जनजातीय क्षेत्रों में नेतृत्व निर्माण पर जोर
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री दिव्यांश सिंह चौहान, सहायक संचालक, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि आदि कर्मयोगी अभियान का मूल उद्देश्य जनजातीय गांवों में स्थानीय नेतृत्व क्षमता को निखारना है, ताकि समुदाय स्वयं विकास योजनाएं बना सके और सेवा, संकल्प व समर्पण की भावना के साथ स्वशासन को सशक्त कर सके।
उन्होंने कहा कि जब स्वयंसेवक गांवों में नेतृत्व की भूमिका निभाते हैं, तभी योजनाओं का वास्तविक लाभ समाज तक पहुंचता है।
राष्ट्रीय स्तर का अभियान, गांव तक असर
मास्टर ट्रेनर श्री योगेश कुमार, सीडीपीओ जशपुर ने पीपीटी प्रस्तुति के माध्यम से बताया कि यह एक राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम है, जिसके अंतर्गत देश के 550 से अधिक जिलों में 20 लाख से अधिक प्रेरित स्वयंसेवकों का नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
इस अभियान का उद्देश्य शासन और जनजातीय समुदायों के बीच सहभागी, उत्तरदायी और संवाद आधारित व्यवस्था स्थापित करना है, ताकि कल्याणकारी योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
स्वयंसेवकों को मिला प्रेरक मार्गदर्शन
एग्रीकोन फाउंडेशन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर योगेश पुरोहित ने “हम होंगे कामयाब – परीक्षा पर चर्चा” विषय पर उपस्थित आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि परीक्षा और जीवन दोनों में सफलता के लिए मानसिक संतुलन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास सबसे महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम की रूपरेखा और संचालन
कार्यक्रम की रूपरेखा और उद्देश्यों की जानकारी सुश्री शालिनी गुप्ता, जिला समन्वयक (यूनिसेफ एवं एग्रीकोन) ने दी। उन्होंने आदि कर्मयोगी स्वयंसेवक उन्मुखीकरण के विभिन्न गतिविधियों और अपेक्षित भूमिका पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की सफलता में विकासखंड समन्वयक गुरुदेव प्रसाद, पंकज यादव, दीपक कुमार, “जय हो” समूह, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) तथा आदि कर्मयोगी स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।
यह उन्मुखीकरण कार्यक्रम जशपुर जिले में आदि कर्मयोगी अभियान को मजबूती देने और जनजातीय समुदायों में सशक्त, जागरूक और जिम्मेदार नेतृत्व तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।








Leave a Reply