जिले को मिला मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का कोटा, श्रद्धालुओं को मिलेगा मथुरा-वृंदावन दर्शन का सौभाग्य

एमसीबी/15 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ शासन द्वारा श्रद्धालुओं की धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक भावना को सम्मान देते हुए निरंतर रूप से संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत वर्ष 2025-26 में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लिए भी एक नया अवसर प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत जिले के 10 पात्र तीर्थयात्रियों का चयन किया गया है जिन्हें आगामी 20 नवम्बर से 23 नवम्बर 2025 तक पवित्र स्थल मथुरा, वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि की धार्मिक यात्रा का सौभाग्य प्राप्त होगा। शासन द्वारा की जा रही यह पहल न केवल वरिष्ठ नागरिकों की धार्मिक आकांक्षा को पूरा करने की दिशा में एक कदम है बल्कि यह समाज के उन वंचित वर्गों के प्रति संवेदनशीलता का प्रतीक भी है, जो आर्थिक अभाव या सामाजिक परिस्थिति के कारण तीर्थ यात्रा करने में असमर्थ रहते हैं। इस योजना का लाभ विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, विधवा एवं परित्यक्ता महिलाओं को दिया जाएगा जो 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं तथा शारीरिक और मानसिक रूप से तीर्थ यात्रा के योग्य हैं। इच्छुक पात्र जन अपने आवेदन पत्र निर्धारित प्रपत्र में 05 नवम्बर 2025 तक अपने क्षेत्र के जनपद पंचायत या नगरीय निकाय कार्यालय में जमा कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं समानता सुनिश्चित करने हेतु शासन ने स्पष्ट प्रावधान किए हैं। योजना में 80 प्रतिशत लाभार्थी बी.पी.एल., अन्त्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्य योजना कार्ड धारक होंगे, जबकि 20 प्रतिशत लाभार्थी गरीबी रेखा से ऊपर के वे नागरिक होंगे जो आयकरदाता नहीं हैं।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हितग्राहियों के संतुलित प्रतिनिधित्व हेतु यह भी निर्धारित किया गया है कि 75 प्रतिशत तीर्थयात्री ग्रामीण क्षेत्र से तथा 25 प्रतिशत तीर्थयात्री शहरी क्षेत्र से चयनित किए जाएंगे। यह प्रावधान न केवल संतुलन बनाए रखने के लिए बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए भी किया गया है कि राज्य के हर हिस्से से पात्र नागरिकों को इस योजना का लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना का मूल उद्देश्य ऐसे वरिष्ठ नागरिकों एवं पात्र लाभार्थियों को तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर देना है जो जीवन के इस पड़ाव में आर्थिक या शारीरिक सीमाओं के कारण स्वयं यह यात्रा नहीं कर सकते। इस योजना के तहत तीर्थयात्रा का पूरा खर्च – जैसे यात्रा, आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं राज्य शासन द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।
इस वर्ष तीर्थयात्रा का गंतव्य मथुरा, वृंदावन और श्रीकृष्ण जन्मभूमि तय किया गया है, जो भारतीय आध्यात्मिक परंपरा में अत्यंत महत्वपूर्ण और श्रद्धेय स्थल हैं। यहां भगवान श्रीकृष्ण के बाल्यकाल, लीला एवं भक्ति की अनगिनत स्मृतियाँ आज भी लोगों की श्रद्धा का केंद्र हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नागरिकों को इस यात्रा का अवसर मिलना न केवल एक धार्मिक अनुभव होगा बल्कि यह आध्यात्मिक शांति और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक भी बनेगा।
इस योजना से जुड़े सभी प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी जिला समाज कल्याण विभाग मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को सौंपी गई है। इच्छुक लाभार्थी योजना की शर्तें, आवेदन प्रक्रिया तथा आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी के लिए अपने क्षेत्र के जनपद पंचायत, नगर पालिका या जिला समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

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