सुरक्षित समुदाय बनाने में युवाओं की भूमिका पर राज्य स्तरीय सम्मेलन
समुदाय और युवा मिलकर करेंगे विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण
युवाओं को संगठित और संस्कारित करने का सशक्त माध्यम बनेगा यह पहल : टंक राम वर्मा
छोटे-छोटे प्रयासों से बड़े बदलाव करने में सक्षम है युवा : अभिषेक सिंह
नवा रायपुर, 11 मार्च 2026: छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) और UNICEF के सहयोग से “सुरक्षित पारा, सुरक्षित लाइकामन” पहल के अंतर्गत महनदी भवन, नवा रायपुर में राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्टेट मॉनिटरिंग डैशबोर्ड का शुभारंभ किया गया तथा “आज मौका है” अभियान भी शुरू किया गया।

इस कार्यक्रम में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, युवा स्वयंसेवक और विकास क्षेत्र से जुड़े साझेदार शामिल हुए। सम्मेलन का उद्देश्य बच्चों और किशोरों के लिए सुरक्षित, स्वस्थ और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने के लिए युवाओं की भागीदारी को मजबूत करना था।
पिछले चरणों में इस पहल के माध्यम से 8,500 युवा स्वयंसेवकों और 5,000 से अधिक सामुदायिक गतिविधियों के जरिए 10 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंच बनाई गई है। इस पहल ने यह साबित किया है कि युवा सकारात्मक व्यवहार, सामुदायिक भागीदारी और स्थानीय समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
डैशबोर्ड और अभियान का शुभारंभ
इस सम्मेलन के दौरान दो महत्वपूर्ण पहल शुरू की गईं। स्टेट मॉनिटरिंग डैशबोर्ड एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा संचालित सामुदायिक गतिविधियों की रीयल-टाइम निगरानी, रिपोर्टिंग और समन्वय में मदद करेगा। वहीं “आज मौका है” अभियान समुदायों को अपने मोहल्लों को सुरक्षित और स्वस्थ बनाने के लिए छोटे लेकिन प्रभावी कदम उठाने के लिए प्रेरित करेगा।
युवाओं की भूमिका पर जोर
छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने समुदाय विकास में युवा स्वयंसेवकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा, “एनएसएस स्वयंसेवक समुदायों में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डैशबोर्ड और पोर्टल का शुभारंभ जमीनी स्तर पर समन्वय को और मजबूत करेगा। यह पहल युवाओं को संगठित करने और डिजिटल साधनों के माध्यम से सामुदायिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।”

डॉ. एस. भरतिदासन, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ने कहा कि कार्यक्रमों को बेहतर बनाने में फील्ड से मिलने वाले फीडबैक और डेटा की अहम भूमिका होती है।
“यह डैशबोर्ड फील्ड की आवाज सुनने का एक अभिनव माध्यम है। इससे कार्यक्रमों के क्रियान्वयन को बेहतर बनाने और हस्तक्षेपों को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।”

नीता बाजपेयी, राज्य अधिकारी, राष्ट्रीय सेवा योजना ने राज्यभर में एनएसएस अधिकारियों और स्वयंसेवकों के योगदान की सराहना की।
“यह पहल दिखाती है कि एनएसएस युवाओं को सामुदायिक कार्यों से जोड़ने में कितनी मजबूत भूमिका निभाता है। बेहतर निगरानी और समन्वय से हमारे स्वयंसेवक जमीनी स्तर पर और प्रभावी योगदान दे सकेंगे।”
अभिषेक सिंह, सोशल एंड बिहेवियर चेंज विशेषज्ञ, यूनिसेफ इंडिया ने कहा कि सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन में युवाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

“युवा सामाजिक और व्यवहार परिवर्तन के शक्तिशाली प्रेरक होते हैं। जब युवा समुदायों के साथ जुड़ते हैं, तो वे रोजमर्रा के व्यवहार को प्रभावित कर सकते हैं, भरोसा बना सकते हैं और सामूहिक कार्रवाई को प्रेरित कर सकते हैं। यह डैशबोर्ड छत्तीसगढ़ में युवा-नेतृत्व वाली पहल को और मजबूत करेगा।”
“आज मौका है” अभियान पर उन्होंने कहा,
“यह युवाओं में निवेश करने का महत्वपूर्ण अवसर है। युवाओं द्वारा उठाए गए छोटे-छोटे कदम बच्चों, किशोरों और समुदायों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकते हैं।”
सम्मेलन के दौरान एनएसएस कार्यक्रम अधिकारियों और युवा स्वयंसेवकों के योगदान को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने समुदायों को संगठित करने और विभिन्न गतिविधियों के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कार्यक्रम का समापन एक कार्ययोजना सत्र के साथ हुआ, जिसमें राज्यभर में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने, समुदायों तक पहुंच विस्तार करने और सामाजिक एवं व्यवहार परिवर्तन के प्रयासों को और मजबूत करने पर चर्चा की गई।
जानें ! क्या है सुरक्षित पारा, सुरक्षित लाइकामन
“सुरक्षित पारा, सुरक्षित लाइकामन” एक युवा-नेतृत्व वाली पहल है, जिसके अंतर्गत एनएसएस स्वयंसेवक समुदायों के साथ मिलकर बच्चों और किशोरों से जुड़े मुद्दों पर काम करते हैं। सामुदायिक संवाद, जन-जागरूकता और सामूहिक कार्रवाई के माध्यम से यह पहल छत्तीसगढ़ में सुरक्षित, स्वस्थ और सहयोगपूर्ण वातावरण बनाने को बढ़ावा देती है।







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